Mar 8, 2016

मम्मा ऑफिस क्यों जाती है

                                        This one is for my daughter "MEETHI"



हाथ में पकडे  ब्रश हर रोज़, सुबह सुबह मम्मा चिल्लाती है,

घडी में बजते 7 है , और 9 वो मुझे बताती है,

भागमभाग में लगी है रहती, हाथ और मुह सब साथ चलाती है,

जल्दी जल्दी भरती टिफ़िन है मेरा, और फिर वही उठ जाओ का नारा लगाती है

हो जा तैयार जल्दी, मीटिंग है मेरी, ये कह कर रोज़ मुझे बहलाती है,

फिर पिंक कलर के मैचिंग जूते और बालो में पिंक ही क्लिप्स पहनाती है,

daycare पहुचाते ही पता नहीं mam को क्या क्या समझा जाती है,

मैं window पे ही खड़ी हू  रहती पर मम्मा आँखों से ओझल होती जाती है,

रूटीन शुरू फिर होता मेरा, mam breakfast के पहले prayer भी कराती है,

और नखरे वाली "मीठी" भी चुप चाप से खाना खाती  है,

खुद से ही सो जाती "मीठी" , और गिरने  पे खुद से ही उठ जाती है,

मीठा बाबू शोना से पल भर में "मीठी" बस "अन्विता" बन जाती है,

सारी ज़िद सारी आनाकानी सब धूमिल सी हो जाती है,

मुझे बस इतना समझ नहीं आता, मम्मा  ऑफिस क्यों जाती है,

मम्मा  ऑफिस क्यों  जाती है. .  . . . .  . . . . . . . . . . . . . . . . . .






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