Oct 29, 2013

लक्ष्य

 किसी के लिए दौलत,किसी के लिए  शौहरत,तो किसी के लिए प्यार,


  जीवन का लक्ष्य हर किसी का अलग, हर एक का अपना अलग संसार,


  कल सड़क पे देखा था किसी को रोटी के लिए लड़ते,


हाथ फैला कर दुनिया से जूझते झगड़ते


बगल कि इमारत में लोगो को कुर्सी के लिए भिड़ते,


एक बड़ी सी गाडी में एक इंसान था आदर्शो को कुचलते ,


देखा एक माँ का  अपने बच्चे में होना परिपक्व ,


तो नोबेल पाकर कोई ढूंढ रहा था ब्रम्हांड का प्रथम तत्व,


धेय  भी अलग, उठते कदम भी अलग ,


रूप से , सोच से, हर किसी कि अलग अपनी परख ,


तो क्यों है चाहता तू , जो दूसरो  के पास है ,


जो लक्ष्य ही नहीं   तेरा, क्यों रखता उसकी आस है,


तू अलग नाम है , पहचान है, और अलग इंसान है,


 स्वीकार कर के खुद को , कह तुझे तेरी भिन्नता पे अभिमान है.….......

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