Oct 29, 2013

लक्ष्य

 किसी के लिए दौलत,किसी के लिए  शौहरत,तो किसी के लिए प्यार,


  जीवन का लक्ष्य हर किसी का अलग, हर एक का अपना अलग संसार,


  कल सड़क पे देखा था किसी को रोटी के लिए लड़ते,


हाथ फैला कर दुनिया से जूझते झगड़ते


बगल कि इमारत में लोगो को कुर्सी के लिए भिड़ते,


एक बड़ी सी गाडी में एक इंसान था आदर्शो को कुचलते ,


देखा एक माँ का  अपने बच्चे में होना परिपक्व ,


तो नोबेल पाकर कोई ढूंढ रहा था ब्रम्हांड का प्रथम तत्व,


धेय  भी अलग, उठते कदम भी अलग ,


रूप से , सोच से, हर किसी कि अलग अपनी परख ,


तो क्यों है चाहता तू , जो दूसरो  के पास है ,


जो लक्ष्य ही नहीं   तेरा, क्यों रखता उसकी आस है,


तू अलग नाम है , पहचान है, और अलग इंसान है,


 स्वीकार कर के खुद को , कह तुझे तेरी भिन्नता पे अभिमान है.….......

Mar 11, 2013

वो तुम नहीं तो कौन था

वो  तुम नहीं  तो कौन था , सपने दिखाकर जो जगा गया,

मेरी खाव्हिशो को उड़ान दी, फिर मेरे पंख  ही चुरा गया,

वो तुम नहीं तो कौन था, दीप रौशनी के जो जला गया,

राह उजियारे की दिखाई फिर हर लौ ही बुझा गया,

वो तुम नहीं तो कौन था, प्रीत का धनी  मुझे जो बना गया,

प्रेम रक्त मुझमे बहाकर फिर रक्त से हीन ही करा दिया ,

वो तुम नहीं तो कौन था, रोते  जो कभी मुझे हँसा गया,

साथ जीने का वचन दिया, फिर पल भर में ही भुला दिया,

वो तुम नहीं तो कौन था,  जिसके लिए मैंने खुद को ही बिसरा दिया,

रोज़ होती है, खड़े होने की कोशिश पर आज फिर तुमने मुझे गिरा दिया,

वो तुम नहीं तो कौन था,  जहाँ  मैंने जिसमे  पा लिया 

फिर उस जहाँ  के  लिए तुमने मुझे ही ठुकरा दिया,

वो तुम नहीं तो कौन था, जिसकी याद ने  अश्कों को आज फिर  भीगा  दिया,

वो तुम नहीं तो कौन था ………………